Friday, April 4, 2025

एग्रीकल्चर न्यूज़

“खाद और उर्वरक: खेतों की उपज बढ़ाने का जादुई फार्मूला जो हर किसान को जानना चाहिए!”| Why Are Manure and Fertilizers Used in Fields...

मिट्टी से पौधे पोषक तत्व जैसे नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम खींच लेते हैं। यदि इन्हें वापस न लौटाया जाए, तो मिट्टी बंजर हो सकती है। खाद और उर्वरक का उपयोग करके इन पोषक तत्वों को वापस मिट्टी में डाला जाता है। जैविक खाद (जैसे गोबर, हरी खाद) और रासायनिक उर्वरक (जैसे यूरिया, डीएपी) इसका समाधान हैं।

स्मार्ट खेती

हाइड्रोपोनिक्स फार्मिंग

हाइड्रोपोनिक्स: खेती की उन्नत तकनीक को अपनाने का सही तरीका, पूरी प्रक्रिया सरल भाषा में | Hydroponics All Information In Hindi

हाइड्रोपोनिक्स कृषि की एक ऐसी उच्चतम तकनीक है जिसमें पौधों को उगाने के लिए जल का उपयोग किया जाता है, तथा पौधों के लिए आवश्यक तत्वों को जल में घुले हुए खनिज और ऑक्सीजन द्वारा पूरा किया जाता है जो पौधों को बढ़ाने के लिए और उचित पोषण तत्वों को पूरा करने के लिए जरूरी होते हैं

कीटनाशक

जलवायु-सहिष्णु फसलें (Climate-Resilient Crops): जलवायु परिवर्तन से बचाव! ये फसलें बाढ़-सूखे में भी देंगी जबरदस्त पैदावार!

जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर के किसानों को अत्यधिक मौसमी परिस्थितियों जैसे सूखा, बाढ़, लवणता, और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए जलवायु-सहिष्णु फसलें (Climate-Resilient Crops) एक महत्वपूर्ण समाधान हैं। यह लेख आपको इन फसलों के बारे में पूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर प्रदान करेगा।

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जलवायु-सहिष्णु फसलें (Climate-Resilient Crops): जलवायु परिवर्तन से बचाव! ये फसलें बाढ़-सूखे में भी देंगी जबरदस्त पैदावार!

जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर के किसानों को अत्यधिक मौसमी परिस्थितियों जैसे सूखा, बाढ़, लवणता, और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए जलवायु-सहिष्णु फसलें (Climate-Resilient Crops) एक महत्वपूर्ण समाधान हैं। यह लेख आपको इन फसलों के बारे में पूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर प्रदान करेगा।

“खाद और उर्वरक: खेतों की उपज बढ़ाने का जादुई फार्मूला जो हर किसान को जानना चाहिए!”| Why Are Manure and Fertilizers Used in Fields...

मिट्टी से पौधे पोषक तत्व जैसे नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम खींच लेते हैं। यदि इन्हें वापस न लौटाया जाए, तो मिट्टी बंजर हो सकती है। खाद और उर्वरक का उपयोग करके इन पोषक तत्वों को वापस मिट्टी में डाला जाता है। जैविक खाद (जैसे गोबर, हरी खाद) और रासायनिक उर्वरक (जैसे यूरिया, डीएपी) इसका समाधान हैं।

जानिए जेनेटिक मैनीपुलेशन (Genetic Manipulation) क्या है ? इसे अपनाकर किसान कैसे अपनी आय बढ़ा सकते हैं | What is Genetic Manipulation How Is...

जेनेटिक मैनीपुलेशन या जैविक हेरफेर (जेनेटिक इंजीनियरिंग) एक उन्नत तकनीक है, जिसमें किसी जीव के जीन में बदलाव करके वांछित गुण जोड़े जाते हैं। कृषि क्षेत्र में इसका उपयोग पौधों की पैदावार बढ़ाने, पोषण मूल्य सुधारने और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाता है। इस तकनीक के माध्यम से किसान न केवल अधिक उत्पादन कर सकते हैं, बल्कि पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना भी कर सकते हैं।

पीएम कुसुम योजना: किसानों के लिए क्या है? फायदे, योजना का उद्देश्य और सरकार की मंशा

सौर ऊर्जा आज की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को सस्ती, स्थायी, और हरित ऊर्जा प्रदान करना है। यह योजना किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ देश की ऊर्जा नीति में भी क्रांतिकारी बदलाव ला रही है।

राष्ट्रीय मिशन ऑन एडीबल ऑइल्स – ऑयल पाम भारत में खाद्य तेल उत्पादन में आत्मनिर्भरता(NMEO-OP)| National Mission on Edible Oils-Oil Palm (NMEO-OP) All Information...

भारत में खाद्य तेलों की बढ़ती मांग और आयात पर अत्यधिक निर्भरता ने सरकार को इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की आवश्यकता महसूस कराई। इसके तहत, दो प्रमुख मिशन - राष्ट्रीय मिशन ऑन एडीबल ऑइल्स - ऑयल पाम (NMEO-OP) और राष्ट्रीय तिलहन और खाद्य तेल मिशन (NMEO-Oilseeds) की शुरुआत की गई। इन मिशनों का उद्देश्य न केवल खाद्य तेलों के उत्पादन को बढ़ाना है, बल्कि भारत को खाद्य तेलों के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही किसानों की आय में भी सुधार लाना है।

फ़सल बीमा

जलवायु-सहिष्णु फसलें (Climate-Resilient Crops): जलवायु परिवर्तन से बचाव! ये फसलें बाढ़-सूखे में भी देंगी जबरदस्त पैदावार!

जलवायु परिवर्तन के कारण दुनिया भर के किसानों को अत्यधिक मौसमी परिस्थितियों जैसे सूखा, बाढ़, लवणता, और गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए जलवायु-सहिष्णु फसलें (Climate-Resilient Crops) एक महत्वपूर्ण समाधान हैं। यह लेख आपको इन फसलों के बारे में पूरी जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर प्रदान करेगा।

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